hindi predictions came true

जानिए कुछ प्राचीन हिन्दू भविष्य वाणियाँ जो सच हुई है।

Know some ancient Hindu predictions that have come true!
धर्म ,सत्यवादिता ,स्वच्छता ,सहिष्णुता , जीवन का अवधि , शारीरिक शक्ति , सब धीरे धीरे कम होता जायेगा।


श्री-सूक उवाच
तातस कनु-दिनम धर्मह
सत्यम सौम कर्म दिन
कलीना बालिन राजन
नानकस्य अयन बलम स्मृती –

कलियुग में अकेले धन को मनुष्य के अच्छे जन्म,उचित व्यवहार और उत्तम गुण का प्रतिक माना जायेगा ,कानून और न्याय किसी के धन के शक्ति के आधार पर चलेगा।

विट्टम ​​इवा
कलौ नृणम् जनमचरा-गुनोदय धर्मा
-न्यया-विवास्त्यं
कर्मम् बलम् इवा हि

पुरुष और महिला सिर्फ आकर्षण के कारन एकत्र रहेंगे ,व्यापर में सफलता छल के ऊपर निर्भर करेगी ,और सिर्फ एक धागा पहनने से पुरुष को ब्राह्मण से जाना जायेगा।

लिंगम अवासरामा-ख्याटव
एनीओनपट्टी-कर्णम
एवरेटा न्यया-डोरबल्यम
पंडिताई कैपलम वेकाह

एक व्यक्ति का आध्यात्मिक स्थिति का अंदाज़ा उसके बाहरी प्रतिकोंके अनुसार लगाया जायेगा एक व्यक्ति के ाओचित्य पे गंभीरता से सवाल उठाया जायेगा अगर वो अच्छा जीवन न बिता रहा हो।
और जो व्यक्ति जुगाली या बोल बच्चन बातो में चतुर है उसे विद्वान कहा जायेगा।

अनादिवतीशधुतवे साधुतेव
दम्भ इव तु
स्विकरा इव
कोडवाहे स्ननम इव प्रसाधनाम्

निर्धन व्यक्ति को अपवित्र माना जायेगा और पाखंड को पुण्य के रूप में माना जायेगा ,तथा शादी को मौखिक रूप में भी स्वीकार किया जायेगा और एक व्यक्ति खुद को लोगोमे फिट साबित करेगी अगर उसने स्नान भी किया है

अनादिवतीशधुतवे साधुतेव
दम्भ इव तु
स्विकरा इव
कोडवाहे स्ननम इव प्रसाधनाम्

जो व्यक्ति परिवार को बनाये रख सकता है उसे विशेषज्ञ माना जायेगा , तथा धर्म के सिद्धांतों को केवल प्रतिष्ठा के लिए मनाया जाएगा।

दुरे भिन्न-अयनम् तीर्थम
लावण्यम् केसा-धरणम्
उदरम-भतार स्वारथः
सत्यतेव धर्सत्यम् इवा हि

hindi-bhagwadgeeta predictions


इस प्रकार पृथ्वी एक भ्रष्ट लोगोकी आबादी से भर जाएगी, उसमे जो सामाजिक वर्ग खुद को मजबूत साबित करेगा उसे राजनीतिक शक्ति प्राप्त करेगी।

ईवाम प्रजाभिर डस्टबिर
अकीर्ने-मंडिती
ब्रह्मा-वि-क्षत्र-सुद्राणाम
यो बालि भाविता नृपः।

नागरिकोंको ठण्ड हवा ,पानी ,गर्मी , बारिश और बर्फ से बहुत नुकसान होगा। वो झगड़ा ,भूख, प्यास और अधिक चिंता से बहोत परेशांन होंगे।

प्रजा ही लुभाई रजनीयर
निर्घ्नारायसी दस्यु-
धर्मभिच अचिन्तना-दारा-द्रविण
यस्यन्ति गिरि-काननम्

अकाल और अत्याधुनिक करोंसे परेशान होकर लोग पत्ते जड़ मांस , जंगली शहद , बीज इसका सहारा लेके जियेंगे सूखे की मार से वो पूरी तरह से बर्बाद हो जायेंगे

साका-मुलिमिसा-कसौड़ा-
फला-पुष्स्ति-भंजनाह
अनावरस्तु विनयकुंस्सन्ति
दुर्भिक्ष-कर-पीडितः


कलियुग में मनुष्य के लिए जीवन की अधिकतम अवधि पचास वर्ष हो जाएगी।

त्रिस्मद विमासति वर्णानि परमायु
कलौ नृणम्

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